कल रात ब्लॉगजगत के दौरे के दौरान दो स्थलों पर मतैक्य न होने का अनोखा नमूना देखा । पोस्ट लेखक और टिप्पणीकार पक्ष – विपक्ष की तरह आमने सामने डटे खड़े थे । एक स्थल पर टिप्पणीकर्ता ने राजा पुरु की तरह पीछे हटना स्वीकार किया तो दूसरे स्थल पर वैज्ञानिक और अवैज्ञानिक के मध्य… Continue reading »
Jul
06
Jan
11
मुला चिट्ठाचर्चा से इसका कउनौ रिलेशन नहिं है
एक्ठो रहें बड़े ओहदे वाले बड़का ब्लॉगर.. सो डिस्केशन डिस्केशन में उनका डिलेवर भी ब्लॉग-श्लॉग लिख लेने लगा रहा । उनकी काम वाली बाई भी कुछ कविताई की बेहयाई कर लेती रही, सो वहू ब्लॉगर को पकड़ लिहिस । उनका नौकर भी कहीं से कुछ टीप टाप कर एक रेजिस्टर में चेंप देता रहा, छापे… Continue reading »
Feb
07
यह कोई पोस्ट नहीं है ।
by डा. अमर कुमार
यह कोई पोस्ट नहीं है । आज की ( असली और प्राचीन ) चिट्ठाचर्चा पर रतलामी भाई से असहमत होते हुये, यह टिप्पणी की तो है । पर आजकल मूँछों पर ताव देकर टिप्पणियों के डिलीट किये जाने का ख़तरा हमेशा बना रहता है ( हालाँकि बिना मूँछ वाले इसमें आगे हैं ), सो यह… Continue reading »
Tags: Chitthacahrcha, Comments, Hindi Blogging, Ravi Ratlami, टिप्पणियों पर, ताकि सनद रहे ..
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