एक्ठो रहें बड़े ओहदे वाले बड़का ब्लॉगर.. सो डिस्केशन डिस्केशन में उनका डिलेवर भी ब्लॉग-श्लॉग लिख लेने लगा रहा । उनकी काम वाली बाई भी कुछ कविताई की बेहयाई कर लेती रही, सो वहू ब्लॉगर को पकड़ लिहिस । उनका नौकर भी कहीं से कुछ टीप टाप कर एक रेजिस्टर में चेंप देता रहा, छापे… Continue reading »
Oct
04
ग़ैरज़रूरी बहसों में अटके हुये
ऐसे क्या कारण हैं कि हिन्दी कि फॅमिली बेकग्राउंड होते हुआ भी हिन्दी विषय मे कोई डिग्री नहीं हैं बहुतो से ब्लॉगर के पास ?? क्यूँ ?? क्षमा चाहूँगा, रचना… मेरा जैसे आपसे मतभेद योग चल रहा है । आपका यह प्रश्न ब्लागर के सँदर्भ में तो क्या, साहित्य के सँदर्भ में भी बेमानी है… Continue reading »
Feb
07
यह कोई पोस्ट नहीं है ।
by डा. अमर कुमार
यह कोई पोस्ट नहीं है । आज की ( असली और प्राचीन ) चिट्ठाचर्चा पर रतलामी भाई से असहमत होते हुये, यह टिप्पणी की तो है । पर आजकल मूँछों पर ताव देकर टिप्पणियों के डिलीट किये जाने का ख़तरा हमेशा बना रहता है ( हालाँकि बिना मूँछ वाले इसमें आगे हैं ), सो यह… Continue reading »
Tags: Chitthacahrcha, Comments, Hindi Blogging, Ravi Ratlami, टिप्पणियों पर, ताकि सनद रहे ..
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