Archive for April, 2009
कभी कभी मेरे दिल में..
Apr 29th
…. यह ख़्याल आता है कि, ब्लागिंग में मुआ ब्लागर आख़िर करता क्या है … क्या केवल यही तो नहीं, कि " रमैया तोर दुल्हिन लूटै बजार " ? शायद ऎसा नहीं ही होगा.. काहे कि सदियन पाछै कबीरौ पलटि के ठोकिं गये रहें,
" हम तुम तुम हम और न कोई । तुमहि पुरुष हम ही तोर जोई ॥ " ब्लागर के जोई का कोई सगा सम्बन्धी क्यों न हो ? सो, ब्लागस्पाट की मेहरारू और पाठकों की भौजाई बने बिना ब्लागिंग करना दिनों दिन जैसे दुष्कर होता जा रहा है.. ( छिमा करो, माता ! ) … आगे पढ़िये
टिपेर तंत्र के अघोरी
Apr 28th
माफ़ करियेगा बीच मे कूद रहा हू.
Apr 23rd
आज कट-पेस्टीय तकनीक से एक लँबी पोस्ट लिखने का जुगाड़ लग गया ! हमारे क्लास टीचर श्री अनूप शुक्ल जी कहते हैं.. वह हमरा लिखा बूझ नहीं पाते ! गुरु, आप कभी ऎसे अनाड़ी तो न थे.. ही ही तो.. कट-पेस्टीय तकनीक से लँबी पोस्ट का जुगाड़..क्या मैं छायावादी कहलाऊँगा यदि मैं इसकी तुलना भारतीय राजनीतिज्ञ से करूँ, तो ? हमें टिप्पणी चाहिये.. और उन्हें वोट ! हमने भी जहाँ अलाव जलती देखी, लपक कर हाथ सेंक लिये, बस फ़र्क़ इतना है, कि वह पहले आग लगा देते हैं, बाद में हाथ सेंकते हैं हाँ, अलबत्ता मुद्दे उठाने की कट पेस्ट में हम दोनों ही ईमानदार हैं, वह मुद्दों की वोट वैल्यू हेरते फिरते हैं, और हम कमेन्ट… आगे पढ़िये
अमारा मौसी का बेटी
Apr 22nd
स्पीच का बात को पिरेस वाला इतना मच मच मचायेला कि मामला सीरियस हो रैली है, मैडम का वास्ते ! झप्पी बोले तो.. झप्पी ! अक्खा इंडिया में देखो.. पिरेस में गँदा लोग भरेला है, बाप ! तू जा के मैडम को सारी बोल दे , सरकिट !
सरकिट गोल ? अमर सिंग अपुन को इच सरकिट बना डाला.. अपना पालिटिक्स में ! माफ़ी माँग ले, सँजू बाबा ! … आगे पढ़िये
हे पार्थ ! दो कप चाय पर.. लिखता रह तू ब्लाग
Apr 18th
पिछले शनिवार को कुछ.. और इस शनिवार को इनपर इतने लहालोट हुये जा रहे हो.. तुम भी उमा भारती हो क्या .. ? या फिर इनसे कोई सौदा सेट हो गया है ? भईया, ई पंडितइनिया हमका जिये न देई.. लेयो टोंकि दिहिन ! भगवान इनका मुँह चीरते समय कुछ ज़्यादा ही उदार हो गया होगा ?वईसे दखीए त बतिया सधरणै है, लेकीन पंडिताइन दुल्हिन के ई बात हमयै हिरदै पर सोझे धक्क से लग गेया , एतना बड़ा ज़ुलुम सोच … ?
हमको भी यह 16 मई के बाद वालों की बिरादरी का समझती हैं काऽ.. हौ ? आजकल ई राजनीतिए पढ़ती हैं.. अटकलें बेलती हैं, सकल जग राजनीति फटि पड़ रही है, यहू का करें.. विकल्प होय तो बताओ… आगे पढ़िये
कँघा आरक्षण के लिये ग़ँज़ों की गणना
Apr 15th
देसी मायने-ज़मेन्ट गुरु, आज किये खुलासा
Apr 14th
सुना है, आज शाम IIM के पुरफ़ेसर लोगों को भी चारा चटा देने वाले श्रीयुत लालू प्रसाद यादव ’ जी ’ ने अपना चुनाव प्रचार ख़त्म होने के बाद एक प्रौस-कानफ़िरेन्स बुलाया था । जिसमें उन्होंने जेपी अन्दौलन में अपने जेल जाने के अलावा.. देश के लिये किये गये अन्य त्यागों का भी ख़ुलासा किया ! चैनल वालों की तरह.. अपनी तो नमक मिर्च लगाने की आदत नहीं, सो.. पूरा ब्यौरा ज्यौं का त्यौं पेश कर देता हूँ !
हम आप लोग का इसलीए बोलाया हूँ, के आपका ई मेडीया में एक दू ठो बुरबक भाई.. ऎ हाल्ला मत मचाईये… आगे पढ़िये



